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विपक्षी राज्यसभा में मंत्री के खिलाफ पेश करेंगे विशेषाधिकार प्रस्ताव

विपक्षी राज्यसभा में मंत्री के खिलाफ पेश करेंगे विशेषाधिकार प्रस्ताव
विपक्ष गुरुवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार के खिलाफ 'गलत जानकारी देकर संसद को गुमराह करने' के लिए एक विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश करेगा। पवार ने संसद में कहा था कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई थी। कांग्रेस और कई अन्य दलों ने बुधवार को कहा था कि वे नोटिस भेज रहे हैं और पवार के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएंगे। भाकपा के बिनॉय विश्वम विशेषाधिकार प्रस्ताव के लिए पहले ही नोटिस दे चुके हैं।

कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि वह कार्रवाई करेंगे। मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि वह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाएंगे।

कांग्रेस नेता ने कहा, "यह एक अंधी और बेफिक्र सरकार है। लोगों ने देखा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कितनों के अपनों की मौत हुई है।"

वेणुगोपाल ने कहा, "दरअसल, मंत्री ने सदन को गुमराह किया और मैं निश्चित रूप से उस मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस पेश करूंगा क्योंकि मंत्री ने गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया है।"

सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को सूचित किया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड की दूसरी लहर के दौरान विशेष रूप से कोई मौत नहीं हुई थी।

पवार ने एक लिखित जवाब में कहा, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मौतों की रिपोटिर्ंग के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। तदनुसार, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नियमित आधार पर मामलों और मौतों की रिपोर्ट करते हैं। हालांकि, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विशेष रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत होने की जानकारी नहीं दी गई है।"

ऑक्सीजन के कारण मौत के मुद्दे के अलावा, सदन की कार्यवाही पर हावी होने वाला दूसरा मुद्दा जासूसी विवाद है। पेगासस विवाद पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव संसद में बयान देंगे।

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