अंतर्राष्ट्रीय

किसी भी देश का चंद्रमा लैंडिंग मानव जाति का गौरव है

किसी भी देश का चंद्रमा लैंडिंग मानव जाति का गौरव है

बीजिंग, 14 जनवरी ()। सन 1970 के दशक में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतरे। इसके बाद चंद्रमा पर उतरने की कोशिशें दशकों तक चुप रहीं। हालाँकि एशिया में कई प्रमुख एयरोस्पेस शक्तियों ने अब चंद्र अन्वेषण के मुद्दे पर एक नई प्रतियोगिता शुरू कर दी है। हाल ही में, जापान ने घोषणा की है कि वह 2025 और 2030 के बीच पहले जापानी अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजेगा। इससे पहले, दिसंबर 2017 में, जापान और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन मिशन नामक एक योजना पर हस्ताक्षर किए, जिसमें संयुक्त रूप से 2024 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक चंद्र रोवर भेजना शामिल है। योजना के अनुसार, जापान 350 किलोग्राम के पेलोड के साथ अंतरिक्ष यान और चंद्र रोवर को लॉन्च करने के लिए एक रॉकेट तैयार करेगा, जबकि भारत चंद्र लैंडिंग अंतरिक्ष यान प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।


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